जशपुर रियासत का ऐतिहासिक अध्ययन

Abstract

भारत में ब्रिटिश अधीनता के समय अनेक देशी रियासते थीं। इन रियासतों की विदेश नीति ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन थी परंतु गृह नीति पर राजा का एकाधिकार था। यह एकाधिकार नाम मात्र का था क्योंकि इन देशी रियासतों को सदैव इस बात का डर रहता था कि कब ब्रिटिश साम्राज्य इन देशी रियासतों का विलय कर दे या रियासत के राजा को अपदस्थ कर किसी और को राजा न बना दे। इसके बावजूद भारत में आजादी के समय तक 562 रियासतें थी। मध्यप्रांत में ही 14 रियासत मौजूद थी। इन रियासतों में मध्यप्रांत के उत्तर पूर्व में स्थित जशपुर रियासत अपनी भौगोलिक परिस्थितियों व सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रियासत थी। जशपुर रियासत अपनी जनजातीय संस्कृति, रियासत कालीन प्रशासन व ईसाई मिशनरियों के द्वारा किये गए कार्यों के कारण क्षेत्रीय इतिहास में अपना विशिष्ट स्थान रखता है

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AGPE The Royal Gondwana Research Journal

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Last time updated on 01/10/2024

This paper was published in AGPE The Royal Gondwana Research Journal.

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