मानवाधिकार के बिना मनुष्य अपने अस्तित्व के विषय में सोचना असम्भव है। मानवाधिकार प्रत्येक मनुष्य को नागरिक के रूप में राजनैतिक अधिकार, सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक अधिकारों की स्वतन्त्रता प्रदान करता है। प्रस्तुत शोध का उद्देश्य बी0 एड0 प्रशिक्षणार्थियों में मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता का अध्ययन उनके लिंग, वर्ग के आधार पर अध्ययन करना है। शोध, वर्णनात्मक (सर्वेक्षण) विधि पर आधारित है। जनसंख्या के रूप में हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर में अध्ययनरत् सभी बी॰एड॰ प्रशिक्षणार्थियों को सम्मिलित किया गया है। साधारण यादृच्छिक प्रतिदर्शन विधि द्वारा 100 प्रशिक्षणार्थियों को न्यादर्श के रूप में चयन किया गया। डाॅ विशाल सूद तथा डाॅ आरती आनन्दद्वारा निर्मित मानवाधिकार जागरूकता परीक्षण का प्रयोग कर आंकड़ों का संकलन किया तथा सांख्यिकी विश्लेषण के लिए मध्यमान, मानक विचलन तथा टी परीक्षण का प्रयोग किया गया है। प्रदत्तों के विश्लेषणोपरांत निष्कर्षतः बी॰एड॰ प्रशिक्षणार्थियो में मानवाधिकारों के जागरूकता के प्रति अध्ययन करने पर छात्र-छात्राओं में लिंग, वर्ग के आधार पर अन्तर पाया गया है
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